मन की क्षमता। Power of Mind.
नमस्कार साथियों माइंडस्कूल ब्लॉग में आपका स्वागत है।
दोस्तों आज हम जानेंगे - मन की क्षमता के विषय में।
जब बात आती लिमिटेशन की, क्षमता की तो हर व्यक्ति, वस्तु व हर चीज की एक सीमा होती है चाहे वो इस धरती पे हो अथवा इस विशाल ब्रह्माण्ड में।
पर एक और इकलौती चीज है जिसे किसी बंधन से नहीं बांध सकते या यूं कहें जिसकी कोई लिमिटेशन ही नहीं है और वो है - मानव मन।
जी हां दोस्तों मानव मन की क्षमता अनंत है अकल्पनीय है।
चलिए बात करते हैं उन चीजों के बारे में जिसे आप जानते हैं और अगर शायद कुछ नहीं जानते होंगे तो गूगल बाबा तो है ही सब कुछ बताने के लिए।
शुरुवात करते हैं मानव शरीर से -
कान की क्षमता - 20 से 20000 hz ।
हृदय की क्षमता - हर एक मिनट में 60 से 100 बार धड़कता है।
ये तो शरीर की बात हुई । अब कुछ और चीजों को देखें।
सूर्य प्रकाश की गति की क्षमता - 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड।
रॉकेट की गति -11.2 किलो मीटर प्रति सेकंड।
तो अपने देखा कि हर चीज की एक लिमिटेशन है।
पर मन की क्षमता क्या है? इसकी क्या लिमिटेशन है ?
दोस्तों माइंड स्कूल डेडीकेटेड है मन के विषय में लोगों को जागरूक करने के लिए। में ही एक ऐसा सुपर पॉवर फूल उपहार है उस सर्व शक्तिमान का जिसके बल पे आप अपने जीवन में सारी खुशियां, सफलता व समृद्धि पा सकते हैं।
दुनिया में सबसे तेज गति है मन की। अभी कोई इंसान भारत के किसी छोटे शहर में हो सकता है पर कुछ सेकंड में ही उसका मन स्विट्जरलैंड की वादियों में पहुंच सकता है।
मन के अंदर उमड़ने वाले विचार एक दिन वस्तु का रूप ले लेती है। किसी ने हवा में उड़ने का विचार किया होगा और आज हवाई जहाज है। किसी ने रात के अंधियारों में भी रोशनी पैदा करने की सोचा और बल्ब का आविष्कार हुआ।
मन की अनंत क्षमता थी कि महाभारत काल में संजय महल में बैठे बैठे कुरुक्षेत्र में घटने वाली सारी घटनाओं को लाइव देख लेता है।
और मन कि ही क्षमता का प्रयोग कर किसी ने डायनामाइट बनाया तो किसी ने पेनिसिलिन बनाया।
बहुत अदभुत है हमारा मानव मन।।
आज के लिए इतना ही। मानव मन से जुड़े रहस्यों को जानने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें।
आपका बहुत बहुत धन्यवाद्।।

Very nice line
जवाब देंहटाएंMind blowing sir
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